साध्वी प्रज्ञा की चुनौती के बाद कांग्रेस एमएलए गोवर्धन के स्वर बदले – बोले आवेश में आ गया

नाथूराम गोडसे को देशभक्त कहने वाली साध्वी प्रज्ञा ने विधायक गोवर्धन को चुनौती देते हुए कहा-” कांग्रेस को जिंदा जलाने का पुराना अनुभव है 1984 में भी सिखको और नैना साहिल को तंदूर में जलाने तक का. मैं आ रही हूं ब्यावरा उनके निवास मुल्तानपूरा पर दिनांक 8 दिसंबर 1919 समय शाम 4:00 बजे जला दीजिएगा.”

साध्वी के इस बयान के बाद कांग्रेस विधायक गोवर्धन दांगी के स्वर बदल गए. उन्होंने कहा अगर साध्वी राजगढ़ आई ,तो मैं उनका स्वागत करूंगा .और साथ ही सफाई देते हुए कहा-कि गांधीजी को कोई भी अपशब्द कहता है ,तो कांग्रेसियों के दिल पर चोट लग जाती है. गोवर्धन ने माफी मांगते हुए कहा कि कांग्रेस एक शांतिप्रिय लोगों की पार्टी है. उन्होंने कहा कांग्रेस साध्वी के बयान की शांतिपूर्ण निंदा करती है.

You May Like : बाल ठाकरे ने सचिन को कहा था- आपने जो कमाया है उसे राजनीति की पिच पर मत गवाहों.

दरअसल यह भोजन अवकाश के बाद शुरू हुआ. साध्वी प्रज्ञा ने कहा 27 नवंबर को विशेष सुरक्षा दल विधेयक 2019 पर लोकसभा में चर्चा के दौरान नाथूराम गोडसे को देशभक्त नहीं कहा है उनका नाम तक नहीं लिया था. इसके बावजूद उनके बयान से किसी को ठेस पहुंची हो तो मैं खेत प्रकट करती हूं. 2:30 बजे संसद की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने साध्वी प्रज्ञा के बयान देने की मांग करने लगे लोकसभा अध्यक्ष ने व्यवस्था देते हुए कहा कि साध्वी प्रज्ञा मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक में निर्णय लिया गया.

इसमें सभी दलों के बीच शादी प्रज्ञा के लिए संसद में एक वक्तव्य देने की सहमति बनी उन्होंने कहा कि सांसद उनकी अपेक्षा करेगा. वह सिर्फ वही वक्तव्य सदन के समक्ष पड़े जिस पर सभी दल ने सहमति जताई है गौरतलब है कि प्रश्नकाल के बाद साध्वी प्रज्ञा की टिप्पणी पर उसने पूरा विपक्ष बिना शर्त माफी की मांग पर अड़ गया. इस प्रकार साध्वी प्रज्ञा ने नियम 222 के तहत बोलने की अनुमति मांगी उन्होंने कहा” बीते घटनाक्रम में यदि मेरी किसी टिप्पणी से किसी को ठेस पहुंची हो तो मैं इस पर खेद प्रकट करती हूं और क्षमा मांगती हूं संसद में मेरे बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है.

You May Like : संजय निरुपम का बड़बोला पर एक बार फिर सामने आया, पवार को कहा पॉइजन-

मेरा संदर्भ कुछ और था जिस तरह मेरे बयान को तोड़ मरोड़ गया है वह निंदनीय है इसके बाद उन्होंने आरोप लगाया कि किसी सदन के सदस्य द्वारा उन्हें आतंकवादी कहा गया .जबकि अदालत में उनके खिलाफ कोई आरोप सिद्ध नहीं हुआ है .अदालत के फैसले से पहले उन्हें आतंकवादी कहना गलत है .एक सांसद और एक महिला पर इस तरह का आरोप लगाना गलत है उनके इतना कहते ही सदन में भारी हंगामा शुरू हो गया सत्ता पक्ष के सदस्य और विपक्ष के नेता लोग जोक के बाद अध्यक्ष ओम विराज ने सदन की कार्यवाही स्थगित करा दी.

1 thought on “साध्वी प्रज्ञा की चुनौती के बाद कांग्रेस एमएलए गोवर्धन के स्वर बदले – बोले आवेश में आ गया”

Leave a Comment